नक्षत्र
धनिष्ठा
धनिष्ठा

धनिष्ठा लय के माध्यम से धन है - संगीत, ताल, समृद्धि, और कभी-कभी अचानक आने वाली प्रसिद्धि। वसु भौतिक प्रचुरता को संसाधनों के नैतिक उपयोग से जोड़ते हैं।
| स्वामी ग्रह | मंगल ग्रह |
|---|---|
| देव | वसुस (आठ मौलिक देवता) |
| प्रतीक | ढोल/बाँसुरी |
| श्रेणी | 23°20' मकर - 6°40' कुम्भ |
| गुण | राजाओं |
| प्रकृति | चल (चर) |
गुण-धर्म
- लयबद्ध, धनी, मिलनसार
- समूहों में अनुकूलनशीलता