नक्षत्र
आश्लेषा
आश्लेषा

आश्लेषा सम्मोहक प्रभाव, मनोवैज्ञानिक गहराई और कुंडलिनी प्रतीकवाद को जोड़ती है। नागा छिपे हुए खजाने की रक्षा करते हैं। महारत से शक्तिशाली उपचार मिलता है; दुरुपयोग हेरफेर या ज़हरीले भाषण में बदल जाता है।
| स्वामी ग्रह | बुध |
|---|---|
| देव | नागा (नाग देवता) |
| प्रतीक | कुंडलित सर्प |
| श्रेणी | 16°40' – 30°00' कर्क |
| गुण | सत्व |
| प्रकृति | तीक्ष्ण (तीक्ष्ण) |
गुण-धर्म
- मर्मज्ञ बुद्धि, रहस्यमय
- विषैले उलझाव के चारों ओर की सीमाएँ