ग्रह
केतु
केतु

केतु दक्षिण नोड है - वैराग्य, पिछले जीवन अवशेष, और मोक्ष (मुक्ति)। जहां राहु बाहर की ओर पकड़ता है, वहीं केतु अंदर की ओर खींचता है। यह मानसिक संवेदनशीलता और आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि देता है, लेकिन अलगाव या अपूर्णता की भावना भी ला सकता है।
| लिंग | नपुंसक लिंग |
|---|---|
| प्रकृति | हानिकर |
| दिशा | दक्षिण पश्चिम |
| उमंग | वृश्चिक |
| नीच | वृषभ |
संकेत
असामान्य बीमारियाँ, मानसिक क्षमता, अंतर्ज्ञान, गूढ़ रुचियाँ, तपस्या, गहन विचार, मौन, मुक्ति, आत्मज्ञान, विवेक, एकांत, षड्यंत्र, जादू-टोना, असामान्य घटनाएँ, आत्माएँ, स्वयं की कमी, मानसिक अस्थिरता।